




माँ चामुण्डा धाम में आपका स्वागत है
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माँ चामुण्डा के बारे में
जय माँ चामुण्डा जय माँ मंगला जय माँ दुर्गा
।। ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।।
पावन पचही गाम में चामुण्डा अवतार ।
मिथिला-मैथिल मोद में चामुण्डा जय-जयकार ।।
मिथिला पूरे प्रदेश सहित देश में विभिन्न माह शक्तिपीठों के लिए प्रसिद्ध रहा है। इसी कड़ी में पचही गांव स्थित चामुण्डा स्थान का विशेष स्थान है। श्रद्धा, भक्ति, आस्था एवं समर्पण का प्रतीक है पचही गांव का महा शक्तिपीठ चामुण्डा स्थान। मिथिला में प्रसिद्ध इस महा शक्तिपीठ में मूर्ति नहीं बल्कि समाधि की होती है पूजा। झंझारपुर-मधेपुर (NH527A) मुख्य सड़क किनारे पचही गांव में अवस्थित है यह स्थान।
चामुण्डा स्थान के आसपास का प्राकृतिक दृश्य बड़ा ही मनोरम है। प्रातःकाल सूर्य की लालिमा जब मंदिर की गुम्बद पर पड़ती है तो एक बड़ा ही मनोहारी दृश्य उत्पन्न होता है। इस पवित्र व अलौकिक स्थल में आस्था अर्पित करने श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां की प्राकृतिक-सौंदर्य बरबस ही श्रद्धालुओं को मनमोह लेता है। इस स्थान पर हालांकि सालोभर आस्था निवेदित करने श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन, शारदीय एव वासंती नवरात्रा तथा महादेव पूजा के दौरान यहां हजारों कुमारी-कन्याओं को भोजन कराया जाता है। प्रतिवर्ष कोजागरा के बाद यहां पांच दिवसीय महादेव पूजनोत्सव का आयोजन किया जाता है। कहा जाता है कि सैकड़ों वर्ष पूर्व गांव में यहां अवतरित हुई थीं। नेपाल राष्ट्र सहित बिहार के विभिन्न भागों से श्रद्धालु यहां उपासना करने आते हैं।
चामुण्डा स्थान की चर्चा आध्यात्मिक पुस्तकों में भी उल्लिखित है। पुस्तकों के अनुसार, मुगल शासन काल में जनक नंदिनी सीता की पावन भूमि मिथिला की हिंदुस्थली में अवतरित हुए साधकों में वर्धमान झा उपाध्याय नाम के न्यायशास्त्र के विद्वान पचही गांव में थे। उन्हें चामुण्डा, जयमंगला एवं दुर्गा मां की तीन पुत्रियां थीं। कहा जाता है कि एक दिन तीनों बहनें गांव से दक्षिण बगीचे में फूल चुन रही थीं। उसी वक्त मुगल सेना की टोली उस रास्ते से गुजर रहा था। सेनाओं के पैरोंचित ध्वनि का प्रभाव पड़ते देख बड़ी बहन चामुण्डा ने धरती माता से प्रार्थना की। इसके बाद तत्काल उस स्थल पर धरती फट गई और तीनों बहनें उसमें समा गईं। ग्रामीणों और पिता को मिले स्वप्न के बाद यह स्थान महा शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध हो गया। मिथिला दर्पण, मिथिला तीर्थ प्रकाश एवं आध्यात्मिक पत्रिका कल्याण के 1948 के जनवरी अंक सहित करीब डेढ़ दर्जन पुस्तकों में वर्णित तथ्यों के अनुसार वृद्धावस्था में वर्धमान झा उपाध्याय को गंगा स्नान की इच्छा हुई। इसके बाद उन्होंने अपने पुत्री का स्मरण किया। तत्पश्चात इसराईन चौड़ में गंगा अवतरित हुई। चार सौ वर्ष बाद भी आज तक पचही इसराईन चौड़ का पानी नहीं सूखा है। करीब 50 वर्ष पूर्व तो इस महा शक्तिपीठ के प्रांगण में एक अद्भुत घटना घटी। प्रांगण में बरगद का एक पुराना वृक्ष था। ग्रामीणों ने उस वृक्ष को बेचने की योजना बनाई और एक ग्राहक के हाथों बेच दिया। ग्राहक ने इस वृक्ष को काट तो दिया, लेकिन दूसरे दिन जब वह आया तो लकड़ी के बदले पहले की तरह वृक्ष था। वह भागा-भागा ग्रामीणों के पास पहुँचा, ग्रामीणों के माध्यम से यह बात दूर-दूर तक फैली। दूर-दूर के लोग उस वृक्ष को देखने आए। इस बात से लोगों की आस्था तो और दृढ़ हो गई। दरभंगा महाराज स्वर्गीय कामेश्वर सिंह भी यहां आस्था अर्पित करने कई बार पहुंचे थे। ऐसी मान्यता है कि पचही चामुण्डा स्थान में पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य
श्री राकेश कुमार झा
(अध्यक्ष)
(+91 8877974539)
अध्यक्ष एवं समाजसेवी
समाज सेवा, जनकल्याण एवं सामाजिक उत्थान के प्रति समर्पित एक कर्मठ व्यक्तित्व।
समाज में एकता, सहयोग एवं सेवा की भावना को निरंतर आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्ध।
श्री संतोष कुमार झा
(उपाध्यक्ष)
(+91 9934884635)
समाज सेवा, जनकल्याण एवं सामाजिक उत्थान के लिए सदैव समर्पित एवं सक्रिय व्यक्तित्व।
व्यवसाय के साथ समाजहित को प्राथमिकता देते हुए एकता, विकास एवं सेवा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध।
श्री बौआजी झा
(सचिव)
(+91 9709536275)
समाजसेवी एवं माँ चामुण्डा की सेवा कार्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व।
समाजहित, जनकल्याण एवं माँ चामुण्डा धाम के विकास कार्यों में सदैव सक्रिय योगदान के लिए प्रतिबद्ध।
श्री नवीन कुमार झा
(उप सचिव)
(+91 9939997267)
माँ चामुण्डा के चरणों में समर्पित एक सच्चा सेवक, जिनके लिए माँ की सेवा ही सबसे बड़ा सौभाग्य है।
माँ के आशीर्वाद से जनसेवा एवं माँ चामुण्डा धाम के विकास को अपना जीवन-धर्म मानकर सदैव समर्पित।
श्री प्रकाश कुमार झा
(कोषाध्यक्ष)
(+91 9534303214)
निष्ठा, पारदर्शिता एवं सेवा-भाव के साथ माँ चामुण्डा धाम के विकास, धार्मिक आयोजनों एवं जनकल्याणकारी कार्यों को सशक्त बनाने में निरंतर समर्पित।
श्री शंकर मिश्र
(सदस्य)
(+91 8051238981)
माँ चामुण्डा के चरणों में पूर्ण श्रद्धा एवं भक्ति के साथ समर्पित एक निष्ठावान सेवक।
भक्ति-भजन, पूजा-अर्चना एवं माँ की सेवा के साथ धाम के विकास और जनकल्याण को अपना सौभाग्य एवं जीवन का परम उद्देश्य मानकर सदैव तत्पर।
श्री संतोष कुमार झा उर्फ सोनू झा
(सदस्य)
(+91 9934718005)
माँ चामुंडा का आशीर्वाद
सेवा हमारा संकल्प है, विश्वास हमारी पहचान और मानवता हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी।
माँ चामुंडा की कृपा से हमारा प्रयास है कि जरूरतमंदों तक हर संभव मदद पहुँचाई जाए और समाज में सेवा, सहयोग एवं अपनापन की भावना को मजबूत किया जाए।
जहाँ जरूरत हो, वहाँ सेवा पहुँचे…
जहाँ उम्मीद हो, वहाँ हमारा साथ मिले।
माँ चामुंडा का आशीर्वाद सदैव आप सभी पर बना रहे।
श्री अमित कुमार झा
(सदस्य)
(+91 7481892669)
माँ चामुंडा की सेवा में आगे आएँ युवा, क्योंकि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं।
युवा शक्ति जब समाज की सेवा में जुटती है, तो बदलाव निश्चित होता है—आइए, मिलकर माँ चामुंडा के आशीर्वाद से सेवा की नई मिसाल कायम करें। ❤️
श्री अजय कुमार झा
(सदस्य)
(+91 7667610451)
घर-घर पहुँचकर माँ चामुंडा के चरणों से हर परिवार को जोड़ना है, आस्था और सेवा का दीप जलाना है।
आइए, मिलकर माँ चामुंडा के आशीर्वाद से समाज को एकता, सेवा और संस्कार के सूत्र में जोड़ें।
श्री रूपेश झा
(डिजिटल मीडिया एवं जनसंपर्क प्रमुख)
(+91 7977140550)
माँ चामुंडा की सेवा और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समर्पित एक सेवाभावी कार्यकर्ता। चामुंडा विकास फाउंडेशन के माध्यम से मेरा प्रयास है कि माँ चामुंडा की आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश घर-घर तक पहुँचे।
डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फाउंडेशन से जोड़ना, सेवा कार्यों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाना और युवाओं को समाजसेवा के लिए प्रेरित करना मेरे प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
मेरा विश्वास है—“सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि माँ चामुंडा के चरणों में समर्पित एक भावना है।”
श्री ललितेश्वर मिश्र
(वैधानिक सलाहकार एवं प्रतिनिधि)
माँ चामुंडा की कृपा से सत्य, न्याय और जनहित की रक्षा का संकल्प—सेवा को अपना धर्म मानकर सदैव अग्रसर।”
“जहाँ अन्याय के विरुद्ध आवाज़ आवश्यक हो, वहाँ माँ चामुंडा के आशीर्वाद से जनसेवा के लिए सदैव तत्पर।”
🙏🚩 जय माँ चामुण्डा ! जय माँ दुर्गा !! जय माँ मङ्गला !!! 🙏🚩
॥ नमश्चण्डिकायै !! नमश्चामुण्डायै !! ॥
🌺 साक्षात्सिद्ध-शक्तिपीठ — माँ चामुण्डा स्थान महात्म्य 🌺
।। श्रीः पातु माम् ।।
ऋद्धि-सिद्धि सहित श्री मन्महागणाधिपतये नमः ।।
🙏 जय माँ चामुण्डा । जय माँ मङ्गला । जय माँ दुर्गा नमो नमः ।।
चामुण्डा गणनाथ रूद्रसहिता रक्षन्तु मां मातरः ।।
जय त्वं देवि चामुण्डे !
जय भूतार्ति हारिणी ।
जय सर्वगते देवि
कालरात्रि नमोस्तुते ।।
दंष्ट्राकरालवदने
शिरोमालाविभूषणे ।
चामुण्डे मुण्डमथने
नारायणि नमोस्तुते ।।
चामुण्डे मङ्गले दुर्गे ईश्वराईनअधिवासिनी ।
सर्वानन्द करे बाले
श्रीमात्रे नमोस्तुते ।। १।।
चामुण्डे मङ्गले दुर्गे,
सर्वाभीष्ट प्रदायिनि ।
भक्तेभ्यो वरदे देवि
बालाम्बिका नमोस्तुते ।। २।।
चामुण्डे मङ्गले दुर्गे,
त्रिपुराद्यै त्रिदैवते ।
भक्तेभ्यो वरदे देवि,
महिषघ्नी नमोस्तुते ।।
चामुण्डे मङ्गले दुर्गे
सर्वकाम प्रदायिनी ।
त्वं देवि जगन्माता,
सर्वानन्द प्रयच्छ मे ।।
🌺 पावन पचही गाम में चामुण्डा अवतार ।।
मिथिला मैथिल मोद में चामुण्डा जय-जयकार ।। 🌺
चामुण्डा-जय मङ्गला, जय दुर्गा अभिराम ।
श्रीमत् उमापति विनत श्यामापति सुकाम ।।
चामुण्डा विकास फाउंडेशन (रजि.) के उद्देश्य
1. माँ चामुण्डा धाम का विकास
मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, विस्तार एवं धार्मिक वातावरण का संरक्षण करना।
2. सनातन संस्कृति का संरक्षण
वैदिक परंपरा, पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान एवं भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना।
3. धार्मिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा
युवाओं एवं बच्चों को धर्म, संस्कार, शास्त्र एवं नैतिक शिक्षा प्रदान करना।
4. भंडारा एवं सेवा कार्य
गरीब, जरूरतमंद एवं श्रद्धालुओं के लिए भोजन, प्रसाद एवं सेवा कार्य आयोजित करना।
5. कन्या पूजन एवं सामाजिक सेवा
कन्या पूजन, गौ सेवा, गरीब सहायता एवं समाज कल्याण कार्य करना।
6. धार्मिक आयोजन
नवरात्रि, दुर्गा पूजा, भागवत कथा, देवी जागरण एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करना।
7. पर्यावरण एवं स्वच्छता अभियान
मंदिर परिसर एवं आसपास स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान चलाना।
8. समाज में एकता एवं सद्भाव
धर्म, सेवा एवं संस्कृति के माध्यम से समाज में भाईचारा एवं सद्भाव बढ़ाना।
9. धार्मिक पुस्तकालय एवं अध्ययन केंद्र
धार्मिक ग्रंथों, पुस्तकों एवं आध्यात्मिक अध्ययन हेतु पुस्तकालय की स्थापना करना।
10. जनकल्याण कार्य
गरीबों हेतु चिकित्सा शिविर, वस्त्र वितरण एवं सहायता कार्यक्रम चलाना।
संकल्प
“माँ चामुण्डा का विकास, संस्कृति का संरक्षण एवं सेवा ही हमारा धर्म है।”
संगठन के सदस्य
प्रबंधन समिति
हमारी प्रबंधन समिति के सम्मानित सदस्यों से परिचित हों, जो संस्था के उद्देश्य, सेवा कार्यों एवं मिशन का नेतृत्व एवं सहयोग कर रहे हैं।
सामान्य सदस्य
हमारे समर्पित सदस्यों से परिचित हों, जो संस्था की विभिन्न पहल एवं सेवा कार्यों को मजबूत बनाने के साथ-साथ संगठन की प्रगति एवं सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
सेवा एवं सहयोग
🙏 मंदिर निर्माण हेतु सहयोग करें
आपका छोटा सा सहयोग माँ चामुण्डा धाम के विकास एवं मंदिर निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
🌺 धर्म एवं सेवा कार्यों में सहभागी बनें
भंडारा, कन्या पूजन एवं धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने हेतु अपना सहयोग प्रदान करें।
📚 संस्कृति एवं शिक्षा संरक्षण हेतु दान करें
सनातन संस्कृति, धार्मिक शिक्षा एवं संस्कारों के प्रसार में अपना अमूल्य योगदान दें।
🤝 जनकल्याण कार्यों में सहयोग करें
गरीब सहायता, चिकित्सा शिविर एवं सामाजिक सेवा कार्यों के लिए दान देकर पुण्य के भागी बनें।





